रंगों का हमारे जीवन में बहुत अधिक महत्व है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की हर रंग का अपना विशेष प्रभाव होता है। भवन का मुख्य द्वार किस दिशा में है, प्रवेश द्वार किस दिशा में है, भवन का मुख किस दिशा में हैं, उस दिशा मुखी भवन में कौन सा विशेष रंग करवाया जाये जिससे शुभफल प्राप्त हो। इसी प्रकार व्यवसाय के अनुरूप दुकान-कार्यालय का रंग-रोगन कराने से शुभता मे वृद्धि होती है और धन – समृद्धि भी बढ़ती है।
| दिशा | रंग |
| पूर्व मुखी | सफेद |
| अग्नेय मुखी ‘दक्षिण-पूर्व | हरा-गुलाबी-गहरा हरा |
| दक्षिण मुखी | लाल-गुलाबी-नारंगी |
| नैऋत्य मुखी ‘दक्षिण-पश्चिम् | तोते जैसा हरा |
| पश्चिम मुखी | नीला अथवा मोर की गर्दन जैसा |
| वायव्यमुखी ‘उत्तर-पश्चिम | सफेद |
| उत्तर मुखी | हरा या पीला |
| ईशान मुखी ‘उत्तर-पूर्व’ | सफेद – चमकीला पीला – हल्का पीला |
दुकान एवं व्यवसाय के अनुरूप रंगों का चयन
| प्रतिष्ठान | रंग |
| मेडीकल | गुलाबी, आसमानी, हल्का नीला, सफेद |
| पुस्तक का विक्रय केन्द्र | पीला, आसमानी, गुलाबी |
| कम्प्यूटर की दुकान | सफेद, लाल, गुलाबी |
| किराने की दुकान | गुलाबी, आसमानी, सफेद |
| वस्त्रालय | हल्का पीला, आसमानी, सफेद |
| बिजली उपकरण की दुकान | गुलाबी, आसमानी, सफेद |
| ब्यूटी पार्लर | आसमानी, सफेद |
| जेवरात की दुकान | गुलाबी, आसमानी, सफेद |
| उपहार विक्रेता | हल्का गुलाबी, सफेद, पीला, नीला |
| बैंक-शेयर्स कार्यालय | सफेद, नीला |
