जय महावीर प्रभो! स्वामी जय महावीर प्रभो!
जगनायक सुखदायक, अति गम्भीर प्रभो॥ॐ॥
कुण्डलपुर में जन्में, त्रिशला के जाये।
पिता सिद्धार्थ राजा, सुर नर हर्षाए॥ ॐ॥
दीनानाथ दयानिधि, हैं मंगलकारी।
जगहित संयम धारा, प्रभु परउपकारी॥ ॐ॥
पापाचार मिटाया, सत्पथ दिखलाया।
दयाधर्म का झण्डा, जग में लहराया॥ ॐ॥
अर्जुनमाली गौतम, श्री चन्दनबाला।
पार जगत से बेड़ा, इनका कर डाला॥ ॐ॥
पावन नाम तुम्हारा, जगतारणहारा।
निसिदिन जो नर ध्यावे, कष्ट मिटे सारा॥ ॐ॥
करुणासागर! तेरी महिमा है न्यारी।।
ज्ञानमुनि गुण गावे, चरणन बलिहारी॥ ॐ॥
